
Patna. ‘माउंटेन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी ने आरोप लगाया कि उन्हें कांग्रेस की ओर से बिहार विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया, जबकि पार्टी नेता राहुल गांधी ने उन्हें इसका आश्वासन दिया था. भागीरथ मांझी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह चार दिनों तक दिल्ली में रुके, जहां उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और आवश्यक दस्तावेज जमा किए, लेकिन अंततः उन्हें टिकट नहीं मिला. उन्होंने कहा, “मैंने राहुल गांधी से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांगा था. उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया था कि मुझे टिकट मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मैंने बाराचट्टी या बोधगया सीट से टिकट मांगा था। बाकी सभी लोगों को टिकट मिल गया, लेकिन मुझे नहीं मिला.
राहुल गांधी ने इस साल जून में गया से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित गेहलौर गांव में दशरथ मांझी स्मारक का दौरा किया था और ‘माउंटेन मैन’ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी. गांधी ने उस दौरान मांझी के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की थी.
उनकी यात्रा के कुछ दिन बाद ही कांग्रेस नेता ने मांझी परिवार के लिए गांव में एक पक्के मकान के निर्माण की व्यवस्था भी कराई थी. भागीरथ मांझी ने पिछले वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) छोड़ दी थी और इसी साल फरवरी में कांग्रेस में शामिल हुए थे. पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी सार्वजनिक रूप से जताई थी.
इस पूरे मामले पर टिप्पणी करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, “यह कांग्रेस नेताओं, विशेष रूप से राहुल गांधी की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. राहुल गांधी ने भागीरथ को टिकट देने का वादा किया था, लेकिन उसे निभाया नहीं.