


Patna. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बृहस्पतिवार को पटना में आयोजित सेपक टकरा विश्वकप- 2025 के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रगान गए जाने की घोषणा के बीच अचानक मंच से उतर गए और प्रतिभागियों से मिलने के बाद शुरू हुए राष्ट्रगान में शामिल हुए. पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित सेपक टकरा विश्वकप 2025 में 300 खिलाड़ियों और 20 देशों के सहायक कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में अपने अन्य कैबिनेट सहयोगियों और अधिकारियों के साथ शामिल हुए. उनके मंच पर बैठने के बाद बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने राष्ट्रगान के लिए सबसे खड़े होने का जैसे ही आग्रह किया, तभी अचानक मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी से उठकर मंच के नीचे उतरे और प्रतिभागियों से मिलने लगे.
इस अवसर पर 74 वर्षीय कुमार ने प्रतिभागियों को हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ किया और हवा में हाथ लहरा कर उनका अभिवादन किया. इस मौके पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था और मुखौटा पहने एक कलाकार ने मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया जिसपर कुमार ने उसे मुखौटा हटाने को कहा और उससे हाथ मिलाने के बजाय हाथ जोड़कर उसका अभिवादन स्वीकार किया.
अंत में, कुमार मंच पर लौट आए और राष्ट्रगान गाया गया और इस दौरान मुख्यमंत्री अन्य लोगों के साथ मंच पर खड़े दिखे. सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम का कथित वीडियो प्रसारित हुआ है. वीडियो में राष्ट्रगान गाये जाने के दौरान मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बगल में खड़े अपने प्रधान सचिव दीपक कुमार के कंधे पर हाथ रखकर उनसे कुछ कहते और फिर हाथ जोड़कर मंच के सामने मौजूद लोगों को प्रणाम करते दिख रहे हैं. इस दौरान प्रधान सचिव हाथ से इशारा कर नीतीश को राष्ट्रगान के दौरान चुप रहने के लिए कहते नजर आ रहे हैं.
कुमार के धुर विरोधी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके बेटे एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादप ने उक्त वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘राष्ट्रगान का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान. बिहारवासियों, अब भी कुछ बचा है. बिहार में पहली बार सेपक टकरा विश्वकप 2025 का आयोजन किया जा रहा है. इस आयोजन में 20 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ी और प्रशिक्षक हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता 20 से 25 मार्च तक पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित की गई है.
सेपक टकरा दक्षिण-पूर्व एशिया का एक पारंपरिक खेल है, जिसमें खिलाड़ी बांस से बनी एक विशेष गेंद (सेपक) को पैरों, सिर, घुटनों और छाती की मदद से खेलते हैं। इसे फुटबॉल और वॉलीबॉल का मिश्रण कहा जा सकता है, जिसमें खिलाड़ी को अधिक लचीलापन, संतुलन और कौशल की आवश्यकता होती है.
यह खेल थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और म्यांमा जैसे देशों में अधिक लोकप्रिय है. कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय सेपक टकरा महासंघ के महासचिव दातुक अब्दुल हलीम कादिर ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार के सेपक टकरा खिलाड़ी बॉबी कुमार को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया.



