
विलासपूर।
भारतीय रेलवे के बिलासपुर मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा, टिकट जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंडल प्रशासन ने सभी महिला टिकट चेकिंग कर्मचारियों सहित कुल 140 टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। इस पहल का उद्देश्य टिकट जांच प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
आधुनिक तकनीक से सशक्त होगी टिकट जांच व्यवस्था
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बॉडी वॉर्न कैमरों के उपयोग से टिकट जांच के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से संरक्षित रहेगा। इससे किसी भी विवाद, शिकायत या असामान्य स्थिति में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन किया जा सकेगा। यह तकनीक न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि यात्रियों के बीच भी विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा देगी।
पहले 50, अब 90 अतिरिक्त कैमरों का वितरण
बिलासपुर मंडल द्वारा इस पहल की शुरुआत पहले चरण में 50 टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराकर की गई थी। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए 4 जुलाई 2026 को 90 अतिरिक्त बॉडी वॉर्न कैमरों का वितरण किया गया। इसके साथ ही कुल 140 टिकट चेकिंग कर्मचारियों को यह आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और आत्मविश्वास को मिलेगा बल
रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह पहल विशेष रूप से महिला टिकट चेकिंग कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित होने से महिला कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी और आत्मविश्वास के साथ करने में सहायता मिलेगी।
पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध है बिलासपुर मंडल
बिलासपुर रेल मंडल लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाकर यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। बॉडी वॉर्न कैमरों की यह पहल भारतीय रेलवे में तकनीकी नवाचार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इस व्यवस्था से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
