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BJP leader Murder: भाजपा नेता अनिल महतो ‘टाइगर’ की हत्या मामले में रांची पुलिस ने किया उद्भेदन, बोली-हत्याकांड के पीछे जमीन संबंधी विवाद था, दो लाख लेकर दो शूटरों ने मारी थी गोली

Ranchi. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अनिल महतो ‘टाइगर’ की हत्या के पीछे मुख्य कारण जमीन संबंधी विवाद था. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. भाजपा की रांची ग्रामीण जिला इकाई के महासचिव एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य महतो की 26 मार्च को राज्य की राजधानी में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस के अधिकारी ने बताया कि हत्या के सिलसिले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंदन कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया िह देवब्रत नाथ शाहदेव और अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा इस हत्या के मुख्य साजिशकर्ता थे. हत्या की साजिश कोलकाता में रची गई थी. देवब्रत और अभिषेक अब भी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.

एसएसपी ने बताया कि अभिषेक ने दो शूटरों रोहित वर्मा और अमन सिंह को काम पर रखा था और उन्हें इस काम को अंजाम देने के लिए दो लाख रुपये दिए थे. उन्होंने बताया कि रोहित को हत्या के एक दिन बाद 27 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार अन्य लोगों की पहचान अमन सिंह (27), जीशान अख्तर (27), मनीष चौरसिया (23) और अजय कुमार रजक (24) के रूप में हुई है.

हत्या का मामला कांके में 10 एकड़ विवादित जमीन से जुड़ा है. देवब्रत कथित तौर पर इस जमीन पर कब्जा करना चाहता था, जिसका भाजपा नेता अनिल महतो विरोध कर रहे थे. इस मामले को सुलझाने के लिए 2023 से लेकर अब तक दोनों के बीच कई बार बातचीत हो चुकी थी. पुलिस के एक बयान के अनुसार, ‘पूछताछ के दौरान पता चला कि अनिल महतो ने मामले को सुलझाने के लिए 4.5 करोड़ रुपये मांगे थे. लेकिन उस समय यह मुद्दा सुलझ नहीं सका.”

इसके बाद देवब्रत ने सांसद निधि से विवादित जमीन पर सड़क बनाने की योजना बनाई. बयान में कहा गया है कि देवब्रत ने सांसद द्वारा सड़क के शिलान्यास के लिए एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था. अनिल महतो के विरोध के बाद सांसद शिलान्यास किए बिना ही लौट गए थे, जिसके बाद देवब्रत ने अनिल महतो की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी थी.

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