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भारत में पहला 5G कैप्टिव नेटवर्क के लिए BSNL और NRL ने मिलाया हाथ

NEW DELHI . भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियों, भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश के रिफाइनरी सेक्टर में पहला 5G कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (CNPN) स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह करार गुवाहाटी में आयोजित “इंडस्ट्री 4.0 वर्कशॉप फॉर सीपीएसईज़” के दौरान हुआ, जिसका आयोजन वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में किया गया.

इंडस्ट्री 4.0 की दिशा में मील का पत्थर

इस साझेदारी के तहत BSNL और NRL एक अत्याधुनिक 5G नेटवर्क स्थापित करेंगे, जो मिशन-क्रिटिकल औद्योगिक संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह नेटवर्क सुरक्षित, विश्वसनीय और रीयल-टाइम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जो भारत में इंडस्ट्री 4.0 को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह नेटवर्क रिफाइनरी संचालन में ऑटोमेशन, रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस और स्मार्ट प्रोसेसेज़ को बढ़ावा देगा, जिससे दक्षता, सुरक्षा और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा.

डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

BSNL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए. रॉबर्ट जे. रवि ने इस पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा, “NRL में 5G CNPN की स्थापना केवल एक तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक औद्योगिक इकाइयों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.” उन्होंने जोर देकर कहा कि BSNL एक विश्वसनीय टेलीकॉम प्रदाता के रूप में भारत को डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है.

अन्य उद्योगों के लिए प्रेरणा

BSNL के एंटरप्राइज बिजनेस डायरेक्टर पापा सुधाकर राव ने इस साझेदारी को भारत के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा, “यह परियोजना अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक मॉडल बनेगी और भविष्य में इसे सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों में लागू किया जा सकेगा.”

‘डिजिटल इंडिया’ को मिलेगा बल

यह परियोजना भारत सरकार के “डिजिटल इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियानों को और मजबूती देगी. यह कदम न केवल भारत की तकनीकी प्रगति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि देश 5G तकनीक में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है.

आगे की राह

BSNL और NRL की यह साझेदारी न केवल रिफाइनरी सेक्टर में क्रांति लाएगी, बल्कि अन्य उद्योगों को भी डिजिटल नवाचार की दिशा में प्रेरित करेगी. यह भारत के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य को और सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है.

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