
New Delhi. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को संसद परिसर में औपचारिक स्वागत किया गया। मुर्मू जब बग्घी में सवार हो कर संसद भवन पहुंचीं तब उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा सरकार द्वारा सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाए गए ‘सेंगोल (राजदंड)’ को धारण किए एक अधिकारी ने उनका अभिनंदन किया। राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, जिसके साथ ही बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई।
कानून को वापस लेने की मांग
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी तथा भ्रष्टाचार एवं लीकेज पर रोक सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि इस अधिनियम से किसान, पशुपालक और मछुआरों के विकास के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी।
राष्ट्रपति ने जैसे ही ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ का उल्लेख किया, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और इस कानून को वापस लेने की मांग करने लगे। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए जी राम जी कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांव में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा भ्रष्टाचार और लीकेज पर रोक सुनिश्चित होगी। मुर्मू ने कहा कि इस योजना से गांव के विकास में नई गति मिलेगी और किसान, पशुपालक तथा मछुआरों के विकास के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी।
