
Ranchi. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली-2026 के पुराने प्रस्ताव को ही राज्य की कैबिनेट ने घटनोत्तर स्वीकृति दी है। इसमें भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल नहीं किया गया है। पहले से शामिल जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं को बरकरार रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कहा गया कि भोजपुरी, मगही और अंगिका के लिए एक कमेटी बनायी जायेगी. यह कमेटी तय करेगी कि ये तीनों भाषाएं क्षेत्रीय भाषा की सूची में आती हैं या नहीं। जब कमेटी अनुशंसा करेगी, तब इन्हें शामिल कर लिया जायेगा। दादेल ने बताया कि पलामू स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘जीईसी पलामू इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन’ की स्थापना को भी स्वीकृति मिली है।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रस्तावित राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (एसएसएसए) की स्थापना को भी मंजूरी दे दी। सरकार ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेश छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों की संख्या प्रति वर्ष 25 से बढ़ाकर 50 करने का भी निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जनजातियों के 20, अनुसूचित जातियों के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के 14 और छह अल्पसंख्यक छात्रों को प्रति वर्ष उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
झारखंड मंत्रिमंडल ने मंगलवार को रांची में दो फ्लाईओवर के निर्माण और पलामू स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में एक नवाचार केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला फ्लाईओवर अरगोरा चौक पर बनाया जाएगा, जो हरमू को डिबडीह पुल से जोड़ेगा, जबकि दूसरा फ्लाईओवर करमतोली को साइंस सिटी से जोड़ेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (कैबिनेट सचिवालय) वंदना दादेल ने पत्रकारों को बताया कि अरगोड़ा चौक पर 3.804 किलोमीटर लंबी फ्लाईओवर परियोजना की लागत लगभग 469.61 करोड़ रुपये होगी, जबकि दूसरी परियोजना की लागत लगभग 351.14 करोड़ रुपये होगी, जो 3.216 किलोमीटर लंबी है।
