


Ranchi. झारखंड कैबिनेट ने सोमवार को 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी. कैबिनेट ने फैसला किया कि राज्य के किसानों को वित्त वर्ष 2025-26 में फसलों के लिए केंद्र के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा धान पर 81 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया. बैठक में अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों के सिविल सेवक बनने की चाह रखने वाले युवाओं को दी जाने वाली वित्तीय मदद भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये करने का फैसला किया गया. कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘मंत्रिमंडल ने किसानों से धान खरीदने पर बोनस के तौर पर 48.60 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. एमएसपी और अतिरिक्त बोनस को मिलाकर धान का मूल्य 2,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.
केंद्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में धान के लिए 2,369 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी तय किया है. इसका मतलब है कि किसानों को झारखंड सरकार से 81 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मिलेंगे.
दादेल ने कहा कि किसानों को सरकारी खरीद वाले धान का भुगतान पहले की तरह किस्तों में नहीं, बल्कि एकमुश्त किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘खरीद के 48 घंटे के अंदर यह भुगतान किया जाएगा. खास मामलों में इसे एक हफ्ते तक बढ़ाया जा सकता है.बैठक ने 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिए सहायता राशि बढ़ाना शामिल है. इस सहायता राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि इस योजना का फ़ायदा उठाने के लिए पारिवारिक आय का प्रावधान, जो पहले 2.5 लाख रुपये सालाना था, उसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये सालाना कर दिया गया है. मंत्रिमंडल ने राज्य के उत्सर्वो के लिए दिशानिर्देश में किए गए बदलावों को भी मंज़ूरी दे दी है.
उन्होंने कहा कि राज्य उत्सव को दो श्रेणियों- पर्यटन और संस्कृति में बांटा गया है. पर्यटन उत्सव के लिए 80 लाख रुपये तक खर्च किया जा सकता है, जबकि सांस्कृतिक उत्सव के लिए यह सीमा 70 लाख रुपये है.”



