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Census 2027: एक मार्च 2027 रात 12 बजे से देश में शुरू होगी जनगणना, केंद्र सरकार ने की कार्यक्रम की घोषणा, साथ में ही करायी जायेगी जातिगत गणना

New Delhi.भारत में जातिगत गणना के साथ 16वीं जनगणना 2027 में होगी, जिसमें लद्दाख जैसे बर्फीले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि एक अक्टूबर, 2026 को होगी, जबकि बाकी देश में इस प्रक्रिया की संदर्भ तिथि एक मार्च, 2027 से होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि जातिगत गणना के साथ-साथ जनगणना-2027 को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. यह जनगणना 16 वर्षों के अंतराल के बाद होगी।पिछली जनगणना 2011 में हुई थी. इस विशाल कार्य के लिए 30 लाख से अधिक गणनाकर्ताओं और उनके पर्यवेक्षकों की सेवा लेने की संभावना है. भारत में 2011 में हुई जनगणना 2011 के मुताबिक देश की अबादी 121.2 करोड़ थी, जिसमें 62.372 करोड़ (51.54 प्रतिशत) पुरुष और 58.646 करोड़ (48.46 प्रतिशत) महिलाएं थीं.
गृह मंत्रालय के मुताबिक, ‘जनगणना- 2027 के लिए संदर्भ तिथि मार्च 2027 के प्रथम दिन रात बारह बजे होगी. इसमें कहा गया, ‘केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्यों के बर्फीले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 2026 के पहले अक्टूबर की 00.00 बजे होगी. अंतिम व्यापक जाति-आधारित गणना अंग्रेजों द्वारा 1881 और 1931 के बीच की गई थी. पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग)सरकार के तहत 2011 में आयोजित सामाजिक-आर्थिक और जाति गणना (एसईसीसी) में जाति संबंधी आंकड़े एकत्र किए गए थे, लेकिन इसे कभी भी पूरी तरह से प्रकाशित या उपयोग नहीं किया गया.
बिहार और तेलंगाना ने पिछले तीन वर्षों में जातिगत सर्वेक्षण कराए हैं. मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा-तीन के प्रावधान के अनुसार उपरोक्त संदर्भ तिथियों के साथ जनगणना कराने के आशय की अधिसूचना संभवतः 16 जून 2025 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी.
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