


New Delhi.. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन घोषणाओं से परहेज किया और ‘सुधार एक्सप्रेस’ को जारी रखते हुए वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए ‘कर छूट’ और कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों को प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। हालांकि, बजट में वायदा एवं विकल्प खंड में प्रतिभूति सौदा कर बढ़ाये जाने से शेयर बाजार लगभग दो प्रतिशत तक लुढ़क गया। बीएसई सेंसेक्स 1,547 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में 495 अंक की गिरावट आई। सीतारमण ने संसद में कुल 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए छोटे उद्यमों एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की। सीतारमण ने रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करते हुए लोकसभा में अपने लगभग 90 मिनट के भाषण में ‘विकसित भारत’ के लिए प्रमुख योजनाओं की घोषणा की।
इसमें रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ भविष्य की प्रौद्योगिकियों को पारंपरिक उद्योगों के साथ एकीकृत करने की योजनाएं शामिल हैं। घरेलू मोर्चे पर, सरकार पर राजकोषीय घाटे को काबू में रखते हुए उपभोग को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन में तेजी लाने और पूंजीगत व्यय बढ़ाने को लेकर दबाव है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और सुधार यात्रा को मजबूत करता है तथा विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। मोदी ने यह भी कहा कि बजट ‘अवसरों का राजमार्ग’ है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा की नींव है। इस वर्ष का बजट भारत के सुधार को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा।’



