


New Delhi. केंद्रीय बजट 2026-27 को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने दूरदर्शी और भरोसा बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह बजट भारत की विकास यात्रा को स्थिर और मजबूत दिशा देता है। एमएसएमई क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि एसएमई विकास कोष, बेहतर ऋण सुविधा, डिजिटल भुगतान व्यवस्था और सरल अनुपालन प्रक्रियाओं से छोटे और मझोले उद्योगों को लाभ और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
खनन क्षेत्र से जुड़ी प्रतिक्रिया में एसोचैम के ईस्टर्न इंडिया माइनिंग काउंसिल के चेयरमैन संजीव गणेरिवाला ने कहा, ‘‘बजट में ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष गलियारा विकसित करने पर जोर दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि इससे खनन, प्रसंस्करण और परिष्करण को बढ़ावा मिलेगा तथा इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, अंतरिक्ष और बैटरी भंडारण जैसी प्रौद्योगिकियों के विकास में मदद मिलेगी। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेश चंद्रा ने बजट का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और राजकोषीय अनुशासन पर ध्यान जारी है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से औद्योगिक गतिविधियों और वाहन क्षेत्र को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के विनिर्माण को समर्थन, दुर्लभ खनिजों के लिए समर्पित गलियारे, पूर्वोदय राज्यों के लिए 4,000 इलेक्ट्रिक बस का आवंटन और लिथियम-आयन बैटरी विनिर्माण में उपयोग होने वाली मशीनरी पर सीमाशुल्क छूट से देश में इलेक्ट्रिक वाहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बजट में महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों पर सरकार के विशेष ध्यान का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘इससे खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।’’ अग्रवाल ने पूंजीगत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट और विशेष आर्थिक क्षेत्रों में मजबूती को भी उद्योग के लिए लाभकारी बताया तथा प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई दी।



