
Chaibasa. मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। शहर स्थित केटू होटल में छापेमारी कर पुलिस ने 30 महिला-पुरुष मजदूरों और छह नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। सभी को कथित रूप से बंधुआ मजदूर बनाकर गुजरात ले जाने की तैयारी चल रही थी। मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए खड़ी राजलक्ष्मी ट्रेवल्स की बस संख्या (ओआर 11एच 0797) को भी जब्त कर लिया गया।
घटना के संबंध में सोमवार को चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि रविवार रात पोड़ाहाट अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ मानव तस्कर महिला-पुरुषों और नाबालिग बच्चों को होटल के टू में ठहराकर अवैध तरीके से गुजरात भेजने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी साजेस महतो ने कर्रा सोसाइटी फॉर रूल एक्शन, रांची तथा चाइल्डलाइन को इसकी जानकारी दी और तत्काल पुलिस प्रशासन से संपर्क किया ।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम में थाना प्रभारी अवधेश कुमार, परमेश्वर उरांव, राज किशोर तिवारी, बीरबल चौबे तथा चक्रधरपुर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने देर रात होटल के टू में घेराबंदी कर छापेमारी की और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू किए गए लोगों में 30 वयस्क मजदूरों के साथ छह नाबालिग बच्चे शामिल हैं, जिनमें पांच लड़के और एक लड़की है। सभी नाबालिगों को सुरक्षित रखने और आगे की काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) चाईबासा के निर्देश पर चाइल्डलाइन चाईबासा को सौंप दिया गया है।
