

Chaibasa. पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में हाल ही में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को चाईबासा में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों का टाटा कॉलेज मैदान में कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद सभी अधिकारी सीधे सुरक्षा समीक्षा बैठक के लिए रवाना हो गए।
बैठक में नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा और आगामी कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की गई। आने वाले दिनों में सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और एसटीएफ मिलकर एक और व्यापक नक्सल विरोधी अभियान शुरू कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हाल ही में चलाए गए ‘मेघाबुरु ऑपरेशन’ की विस्तार से समीक्षा की गई। इस अभियान को सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिसमें 17 नक्सलियों को मार गिराया गया था। अधिकारियों ने माना कि इस ऑपरेशन से सारंडा इलाके में नक्सल नेटवर्क को भारी झटका लगा है।

बचे नक्सलियों पर आगे की रणनीति तैयार
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सारंडा क्षेत्र में अब भी बचे हुए नक्सली कैडरों के खिलाफ आगे किस तरह की कार्रवाई की जाए। खुफिया जानकारी के आधार पर कई संवेदनशील इलाकों में दोबारा बड़े पैमाने पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाने की योजना पर विचार किया गया।
फिर शुरू हो सकता है बड़ा अभियान
संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और एसटीएफ मिलकर एक और व्यापक नक्सल विरोधी अभियान शुरू कर सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस जंगल के अंदर छिपे उग्रवादियों को पूरी तरह खत्म करने पर है।



