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Operation Meghaburu: कोल्हान में नक्सलियों का अंतिम किला ढाहने में जुटे CRPF के 1500 जवान, सारंडा में मुठभेड़ जारी, दो और नक्सली के शव मिले, अब तक 17 मारे गये

Chaibasa. झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के जंगल में एक और माओवादी का शव मिला है, जिससे दो दिनों में सुरक्षाबलों के साथ हुई गोलीबारी में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सारंडा के जंगल में तलाशी अभियान अब भी जारी है। बृहस्पतिवार को यहां सुरक्षाबलों के साथ हुई गोलीबारी में पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत कुल 16 माओवादी मारे गए थे, जिन पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था। जंगल युद्ध में विशेषज्ञता रखने वाली केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई और राज्य पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान में मारे गए लोगों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं। देश में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च, 2026 की समयसीमा नजदीक आने के साथ ही लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मी इस लड़ाई में लगे हुए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक-आईजीपी (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने बताया, ‘हमने अब तक कुल 17 शव बरामद किए हैं और सुरक्षाबलों द्वारा इलाके में तलाशी अभियान जारी है… हमने उस इलाके को अपने कब्जे में ले रखा है। राज्य पुलिस के प्रवक्ता राज ने कहा कि यह राज्य में नक्सल विरोधी सबसे बड़े अभियानों में से एक है। यह अभियान सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जिला मुख्यालय चाईबासा में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने के एक दिन बाद मंगलवार को शुरू हुआ। इस मुलाकात में सारंडा जंगल में अनल और उसके गिरोह की मौजूदगी के बारे में मिली सूचना के बाद रणनीति तैयार की गई थी।
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद बृहस्पतिवार सुबह गोलीबारी शुरू हुई।

अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय समिति के सदस्य राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबीता और पूर्णिमा को भी मार गिराया गया।
कोल्हान और सारंडा को झारखंड में माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल तक राज्य में 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, लगभग 250 माओवादी मारे गए और 350 से अधिक ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

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