



Jamshedpur.कदमा के संताल जाहेरथान में शनिवार को बाहा बोंगा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन शामिल हुए. सीएम ने कहा कि बाहा पर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रकृति और देवी-देवताओं के प्रति कृतज्ञता जताने का पर्व है. आदिवासी समाज के प्रत्येक गांव में स्थित जाहेरथान इस समुदाय की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है. आदिवासी समाज की स्वशासन व्यवस्था सदियों से स्थापित रही है.
आदिवासी समाज आदिकाल से इस धरती पर निवास करता आया है और उसकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं बहुत समृद्ध रही हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के परगना बाबा, पारानिक बाबा, माझी बाबा, नायके बाबा, गोडेत बाबा, शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवी एकजुट होकर समाज के विकास के लिए चिंतन करें, ताकि आने वाले समय में आदिवासी समाज भी हर जगह पर पहुंच सके और जमाने के साथ कदमताल कर सके.

कदमा बाहा पर्व में शहर के विभिन्न जगहों ने आदिवासी-मूलवासी समाज के लोग पहुंचे थे. उन्होंने सर्वप्रथम जाहेरथान जाकर देवी-देवताओं का आशीर्वाद ग्रहण किया. इसके बाद मांदर व नगाड़े की थाप पर नृत्य कर बाहा पर्व का खूब लुत्फ उठाया.



