


New Delhi. कांग्रेस ने आगामी 27 दिसंबर को अपनी शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाई है जिसमें ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ के मद्देनजर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) पर चर्चा करने के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
कांग्रेस ने ऐसे समय यह बैठक बुलाई है जब वह ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ का पुरजोर विरोध कर रही है. उसका आरोप है कि इस विधेयक के माध्यम से मनरेगा को खत्म किया जा रहा है और योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना राष्ट्रपिता का अपमान है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मनरेगा का सिर्फ नाम नहीं बदला जा रहा है, बल्कि इस योजना की ‘‘योजनाबद्ध हत्या’’ की जा रही है तथा विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर फूल चढ़ाना सिर्फ दिखावा है. खरगे ने संसद परिसर में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बाद यह भी कहा कि मनरेगा का नाम बदलने के सरकार के कदम का कांग्रेस सड़क से संसद तक पुरजोर विरोध करेगी.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोप लगाया कि इस विधेयक से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) खत्म हो जाएगा और यह मजदूरों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध करेंगे. लोकसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी दे दी. यह प्रस्तावित कानून 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा.



