


Ranchi. राज्य में रोज घट रही आपराधिक घटनाएं। दनादन गोलियां चलाते बेखौफ अपराधी. इसकी बानगी देखिए…हजारीबाग में एनटीपीसी के डीजीएम की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. यहां जिला मुख्यालय तो छोड़ दीजिए राजधानी रांची में दिनदहाड़े सड़क पर गोली मारी जा रही है. कोयला व्यवसायी विपिन मिश्रा को बरियातू में मारी गई गोली इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. उससे ठीक एक दिन पहले रांची के चान्हो में भी मंदिर के पुजारी की हत्या हुई थी. इन सब सिलसिलेवार हमलों के लिए विपक्ष प्रदेश सरकार और पुलिस की लचर कार्यशैली को जिम्मेदार मान रहा है. भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स’ पर लिखा कि मैं हजारीबाग में एनटीपीसी कोयला परियोजना के डीजीएम गौरव कुमार की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से स्तब्ध हूं.
उन्होंने कहा कि शनिवार को रांची में कोयला व्यापारी पर हमले के बाद भी पुलिस सतर्क नहीं रही. मरांडी ने आरोप लगाया कि आखिरकार अपराधियों ने एक होनहार अधिकारी का जीवन समाप्त कर दिया. हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के शासन में अपराधियों का हौसला बढ़ गया है. भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि झारखंड में सरकारी तंत्र के संरक्षण में धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा से प्रतिदिन हजारों ट्रक कोयला चोरी हो रहा है और इस चोरी से प्राप्त धन की ऊपर से नीचे तक बंदरबांट हो रही है. अगर यह चोरी नहीं रोकी गई तो इसी तरह लोगों की जान जाती रहेगी.
डीजीपी के पद पर अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी के पद पर अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को चुनाैती देते हुए हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. प्रार्थी बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार, मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी अनुराग गुप्ता, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव व यूपीएससी के अध्यक्ष को मामले में प्रतिवादी बनाया है. झारखंड में डीजीपी नियुक्ति नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की है, बाबूलाल मरांडी ने विगत दिनों झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता को नियमित डीजीपी बनाये जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी.



