जमशेदपुर। दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में बंद पड़े क्रशर को दोबारा संचालित किए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन ने मंगलवार को संयुक्त निरीक्षण किया। पटमदा अंचल के मौजा धुसरा में निरीक्षण के दौरान क्रशर इकाई संचालित अवस्था में मिली। प्रशासनिक टीम ने क्रशर को सील करते हुए वाहन, जेनरेटर, उपकरण और बड़ी मात्रा में पत्थर खनिज जब्त किया।

एसडीओ धालभूम के नेतृत्व में हुआ संयुक्त निरीक्षण
उप वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, गज परियोजना, जमशेदपुर-सह-संयोजक, दलमा इको-सेंसिटिव जोन निगरानी समिति की ओर से क्रशर दोबारा चालू किए जाने की सूचना दी गई थी। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण के लिए समिति गठित की गई।

29 सितंबर 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में जिला खनन पदाधिकारी, पटमदा अंचल अधिकारी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम, वन विभाग के प्रतिनिधि सीमोन टुडू और पटमदा थाना प्रभारी की मौजूदगी में धुसरा मौजा का निरीक्षण किया गया।
मौके पर चालू हालत में मिला क्रशर
निरीक्षण के दौरान टीम को स्थल पर एक क्रशर इकाई संचालित अवस्था में मिली। मौके से Tata Ace वाहन संख्या JH05AP-1224, जिस पर हरे रंग का जेनरेटर लदा था, बरामद किया गया।
इसके अलावा एक वेल्डिंग मशीन, दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट, दो सब्बल और एक हथौड़ा भी मिला। स्थल पर करीब 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर और 200 सीएफटी पत्थर चिप्स का भंडारण पाया गया।
प्रशासन के अनुसार, मौके पर कार्यरत श्रमिकों ने पूछताछ में बताया कि क्रशर का संचालन सुभाष कुमार शाही द्वारा किया जाता है और यहां पत्थर बोल्डर का प्रसंस्करण कर बिक्री-व्यापार किया जाता था।
प्रदूषण संबंधी वैध दस्तावेज नहीं मिलने का दावा
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम के अनुसार, सुभाष कुमार शाही के नाम से प्रदूषण संबंधी Consent to Establish (CTE) और Consent to Operate (CTO) जैसे वैध दस्तावेज निर्गत नहीं हैं।
प्रशासन के अनुसार, इसे Air Act और Water Act के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से क्रशर इकाई को सील कर दिया गया।
इको-सेंसिटिव जोन में क्रशिंग गतिविधि प्रतिबंधित
वन विभाग के प्रतिनिधि सीमोन टुडू के अनुसार, संबंधित क्षेत्र दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में आता है। प्रशासन के अनुसार, दलमा इको-सेंसिटिव जोन की अधिसूचना के तहत इस क्षेत्र में क्रशिंग गतिविधि की अनुमति नहीं है।
इसी आधार पर मौके पर संचालित क्रशर गतिविधि को प्रतिबंधित पाया गया।
वाहन, जेनरेटर और खनिज जब्त
संयुक्त निरीक्षण के दौरान Tata Ace वाहन संख्या JH05AP-1224, हरे रंग के जेनरेटर, वेल्डिंग मशीन, दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट, दो सब्बल और एक हथौड़े के साथ करीब 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर तथा 200 सीएफटी पत्थर चिप्स जब्त किए गए।
जब्त सामग्री को सुरक्षित रूप से पटमदा थाना को सुपुर्द कर दिया गया।
सुभाष कुमार शाही के खिलाफ प्राथमिकी की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने कहा है कि बिना वैध खनिज अनुज्ञप्ति के खनिज का उत्खनन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और बिक्री करना अवैध है। प्रशासन के अनुसार, यह MMDR Act, 1957 की धारा 4 का उल्लंघन और धारा 21 के तहत दंडनीय है।
प्रशासन ने यह भी कहा कि संबंधित गतिविधि Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Amendment Rules, 2026 के नियम 7 और 9 के प्रावधानों के विपरीत है तथा नियम 13 के तहत दंडनीय है।
जिला प्रशासन के अनुसार, इस गतिविधि से सरकारी राजस्व की क्षति और राष्ट्रीय संपदा के क्षरण की स्थिति बन रही थी। मामले में सुभाष कुमार शाही के खिलाफ संबंधित नियमों और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


