



Ranchi.झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में यूरेनियम की बहुतायत है और परमाणु हथियारों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. यहां आयोजित ‘डिफेन्स ईस्ट टेक’ प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार है. सोरेन ने कहा, झारखंड यूरेनियम से समृद्ध है और परमाणु हथियार निर्माण में योगदान दे सकता है। राज्य सरकार रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार है. परमाणु हथियारों के निर्माण के लिए यूरेनियम एक महत्वपूर्ण घटक है.
वहीं प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि अंतरिक्ष और साइबर युद्ध के लिए उपकरणों के विकास हेतु नीतिगत पहल की जा रही हैं. रांची में ईस्ट टेक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि हथियारों का रणनीतिक चयन सर्वोपरि है और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) की समीक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, रक्षा विनिर्माण आधार का विस्तार करने की आवश्यकता है, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का पता लगाना होगा.
जनरल चौहान ने कहा कि भारत में रक्षा विनिर्माण का स्वदेशीकरण देर से शुरू हुआ, लेकिन देश सही रास्ते पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और रक्षा में आत्मनिर्भरता के उद्देश्यों को झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की सक्रिय भागीदारी से साकार किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘युद्ध विज्ञान है, युद्ध कला है। वर्तमान संदर्भ में एक योद्धा को रचनात्मक और नवोन्मेषी होने की आवश्यकता है.



