
धनबाद: पूर्व मध्य रेल (ECR) के धनबाद रेल मंडल में बेटिकट सफर करने वालों के खिलाफ रेलवे ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार (27 जून) को मंडल के विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में ‘मेगा टिकट चेकिंग अभियान’ चलाया गया। दिन-रात चले इस औचक अभियान से यात्रियों में भारी हड़कंप मचा रहा। जांच के दौरान कुल 606 बेटिकट और अनियमित यात्रियों को पकड़ा गया, जिनसे रेलवे ने जुर्माने के तौर पर 5,29,375 रुपये नकद वसूले हैं।
स्टेशनों और एक्सप्रेस ट्रेनों में दिन-रात चली छापेमारी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान एक सुनियोजित रणनीति के तहत चलाया गया था। चेकिंग टीमों ने धनबाद स्टेशन के अलावा मंडल से गुजरने वाली तमाम प्रमुख मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के कोचों में सघन जांच की। इस दौरान बिना टिकट यात्रा कर रहे लोग, बिना उचित प्राधिकार (Invalid Authority) के सफर करने वाले और तय सीमा से अधिक ‘अनबुक लगेज’ (सामान) लेकर चल रहे यात्रियों पर गाज गिरी। पकड़े गए सभी यात्रियों से जुर्माना वसूलने के साथ ही भविष्य में वैध टिकट लेकर ही सफर करने की अंतिम चेतावनी दी गई।
चेकिंग के डर से टिकट काउंटरों पर उमड़ी भारी भीड़
रेलवे के इस कड़े एक्शन का साइकोलॉजिकल असर स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर तुरंत देखने को मिला। चेकिंग की भनक लगते ही धनबाद सहित मंडल के अन्य स्टेशनों के अनारक्षित (General) टिकट काउंटरों पर टिकट खरीदने वालों की लंबी कतारें लग गईं। जो यात्री अमूमन बिना टिकट ट्रेन में चढ़ जाते थे, वे भी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई के डर से कतार में खड़े होकर टिकट खरीदते नजर आए।
‘जिस श्रेणी का टिकट, उसी में करें सफर’: रेलवे
धनबाद रेल मंडल ने स्पष्ट किया है कि राजस्व की चोरी रोकने और वैध यात्रियों को सुरक्षित सफर देने के लिए यह सघन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा उचित टिकट लेकर ही प्लेटफार्म पर प्रवेश करें। इसके साथ ही सख्त हिदायत दी गई है कि यात्री के पास जिस श्रेणी (Sleeper/General/AC) का टिकट हो, वह उसी कोच में यात्रा करें; स्लीपर या एसी कोच में जनरल टिकट लेकर चढ़ने वालों पर अब नरमी नहीं बरती जाएगी।
