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DPIIT ने Industrial Growth की निगरानी के लिए उद्योगों से अप्रैल, 2022 से मांगे मासिक उत्पादन के आंकड़े

New Delhi.उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने विनिर्माण इकाइयों से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की नई श्रृंखला के लिए अप्रैल, 2022 से अपने मासिक उत्पादन के आंकड़े देने को कहा है. विभाग हितधारकों की जरूरतों के अनुरूप देश में औद्योगिक विकास के लिए नीतियां और रणनीतियां तैयार करता है.डीपीआईआईटी ने एक पत्र में कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए औद्योगिक वृद्धि की निगरानी जरूरी है. इसके लिए विभाग ने इकाइयों से औद्योगिक उत्पादन पर प्राथमिक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग मांगा है. इसमें कहा गया, ‘‘आपसे अनुरोध है कि आप अप्रैल, 2022 से नवीनतम महीने तक के मासिक आंकड़े उपलब्ध कराएं.

विनिर्माण इकाइयां सरकारी पोर्टल उत्पादन के आंकड़े डाल सकती हैं. इसमें कहा गया, ‘‘आपके द्वारा दिए गए आंकड़े औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में प्रतिनिधित्व पाते हैं। जैसा कि आप जानते होंगे, आईआईपी राष्ट्र के औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण संकेतक है और इस प्रयास में आपका सहयोग मूल्यवान है. इसमें कहा गया है कि आंकड़ों का उपयोग औद्योगिक वृद्धि की निगरानी के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा.

पिछले महीने जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2024 में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर तीन महीने के निचले स्तर 3.2 प्रतिशत पर आ गई है. इसका मुख्य कारण खनन और विनिर्माण क्षेत्रों का खराब प्रदर्शन है.देश के कारखाने के उत्पादन को आईआईपी के संदर्भ में मापा जाता है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ये आंकड़े जारी करता है.

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