
Ranchi. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से दर्ज प्राथमिकी, कुछ अन्य शिकायतों और आरोपपत्रों का संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की है। उन्होंने कहा कि ईडी जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू कर सकती है, जिसमें सबूत जुटाना, मामलों से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजना और संभवतः आरोपियों की संपत्ति जब्त करना शामिल है। झारखंड में छात्र जेएसएससी-सीजीएल (झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा) सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर पिछले 16 दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। वे 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामले में झारखंड सीआईडी ने सोमवार को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया।
सीआईडी ने इससे पहले 28 जुलाई से खियांगते से चार बार पूछताछ की और कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के तहत रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 स्थानों पर छापेमारी की। इसने खियांगते से पहले 14 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था, जबकि जेपीएससी ने बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों के बीच ”अपरिहार्य परिस्थितियों” का हवाला देते हुए 25 से 27 जुलाई तक होने वाली संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा टाल दी थी।
जेपीएससी के तीनों सदस्यों-अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम झारखंड सीआईडी की ओर से तीनों सदस्यों को कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक को लेकर पूछताछ के लिए समन जारी किए जाने के बाद सामने आया।
