Site icon Lahar Chakra

ED सभी हदें पार कर रहा है,आरोपियों के मौलिक अधिकारों के बारे में भी सोचना चाहिए, Supreme Court ने जांच एजेंसी को लगायी फटकार

New Delhi. सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रवर्तन निदेशालय को “सभी सीमाएं लांघने” के लिए बृहपतिवार को फटकार लगाये जाने से एजेंसी की शक्तियों के “दुरुपयोग” पर अदालतों की आलोचनात्मक टिप्पणियों की सूची और लंबी हुई है. प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई के नेतृत्व वाली पीठ ने ईडी के खिलाफ एक बार फिर आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए शराब की दुकानों के लाइसेंस अवैध रूप से देने के मामले में तमिलनाडु में शराब खुदरा विक्रेता तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) के खिलाफ धनशोधन जांच पर रोक लगा दी.

सीजेआई ने बृहस्पतिवार को कहा कि आपका ईडी सभी हदें पार कर रहा है. तमिलनाडु और तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) ने सरकारी शराब खुदरा विक्रेता टीएएसएमएसी पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया. सीजेआई ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (शासन की) संघीय अवधारणा का उल्लंघन कर रहा है. गत 11 अप्रैल को, न्यायमूर्ति ए एस ओका के नेतृत्व वाली एक अन्य पीठ ने संघीय एजेंसी को फटकार लगाई थी, जिसने नागरिक आपूर्ति निगम (एनएएन) घोटाले के मामले को छत्तीसगढ़ से नयी दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था. पीठ ने कहा कि ईडी को आरोपियों के मौलिक अधिकारों के बारे में भी सोचना चाहिए.

Exit mobile version