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फर्जी CBI अफसर राजस्थान से गिरफ्तार हुआ, रेलवे कर्मचारी से ₹3.90 लाख की साइबर ठगी

लातेहार: खुद को CBI अफसर और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर एक रेलवे कर्मचारी से ₹3.90 लाख की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को लातेहार पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ा गया आरोपी सुरेंद्र खोजा (उम्र 19 वर्ष) डिडवाना-कुचामन (राजस्थान) का निवासी है, जो तकनीकी चालबाजियों के सहारे लोगों को डराकर मोटी रकम हड़पता था.

क्या था मामला

पीड़ित रवि शंकर केशरी (25 वर्ष), निवासी शाहपुर, भोजपुर (बिहार), वर्तमान में टोरी रेलवे विभाग, लातेहार में कार्यरत हैं. 12 दिसंबर 2024 को उन्हें एक अनजान कॉल आया. कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उनके नाम से दिल्ली में अवैध सिम कार्ड जारी कर आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं. कुछ ही मिनटों में कॉल कथित “दिल्ली पुलिस” को ट्रांसफर कर दी गई. वहां रवि शंकर को मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी गई. इसी डर और भ्रम के बीच एक अन्य कॉल आया, जिसमें एक फर्जी “CBI अधिकारी” बनकर उनके पूरे परिवार को “डिजिटल अरेस्ट” करने की धमकी दी गई.

डर की स्थिति में आकर रवि शंकर ने ₹3,90,000 रुपये एक कथित RBI सिक्योरिटी अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए. बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ और मामला लातेहार साइबर थाना में दर्ज कराया गया.

राजस्थान से गिरफ्तारी: पुलिस की सटीक कार्रवाई

इस गंभीर मामले में लातेहार साइबर थाना ने 2 जनवरी 2025 को कांड संख्या 01/2025 दर्ज की, जिसमें BNS की धारा 318/319 और IT एक्ट की धारा 66(C)/66(D) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की. टीम ने राजस्थान के डिडवाना-कुचामन क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा.

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

• नाम: सुरेंद्र खोजा
• उम्र: 19 वर्ष
• पिता: किशना राम खोजा
• निवासी: रताऊ, थाना– निम्बी जोधा, जिला– डिडवाना कुचामन (राजस्थान)

उसके पास से एक मोबाइल फोन, साइबर अपराध में प्रयुक्त बैंक खाता और मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी बरामद हुई है. सभी डिजिटल सबूतों की गहन जांच जारी है. अभियान पु०अ०नि० पिंटू कुमार (साइबर थाना लातेहार), स०अ०नि० जितेन्द्र कुमार (साइबर थाना लातेहार), आ०-491 बिरेन्द्र पासवान (साइबर सेल लातेहार) शामिल थे.

पुलिस का मानना है कि आरोपी किसी अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का हिस्सा है. लातेहार पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है और दावा किया है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी पकड़ लिया जाएगा. लातेहार साइबर थाना की फुर्ती, तकनीकी दक्षता और समर्पित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं.

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