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झारखंड में संचालित फार्मेसी कॉलेजों की जांच में मिलीं खामियां, तीन को बंद करने की अनुशंसा

रांची.  झारखंड में संचालित ऐसे फार्मेसी कॉलेज जो फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के नॉर्म्स पूरे नही कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई के लिए जांच शुरू हो गयी है. आठ कॉलेजों की जांच में तीन को बंद करने की अनुशंसा की कमेटी ने की है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश पर उप सचिव की अध्यक्षता में कमिटी गठित कर कॉलेजों की जांच करायी गयी थी.

कमिटी द्वारा लगातार निरीक्षण व कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त जांच कमिटी ने 8 कॉलेजों में निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है, इनमें तीन कॉलेजों को बंद करने की अनुशंसा भी कमिटी ने की है.

कमेटी द्वारा सौंपी रिपोर्ट में उन्होंने कहा है कि ये तीनों ऐसे कॉलेज हैं जिनमें पीसीआई के नॉर्म्स बिल्कुल भी पूरे नही किए जा रहे. इटकी रोड स्थित सिटी फार्मेसी कॉलेज में जांच के क्रम में फर्जी प्रिसिंपल की जानकारी मिली. वहीं, ओरमांझी के अर्णव कॉलेज ऑफ फार्मेसी में कम फैकल्टी मिले, जबकि कॉलेज का संचालन भाड़े की बिल्डिंग में हो रहा था. वहीं, ओरमांझी में ही संचालित विद्यापति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में भी फैकल्टी की संख्या कम थी. यहीं नहीं, कॉलेज में टेंट हाउस के सामान से लैब का निर्माण कराया हुआ मिला. अब कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए इन कॉलेज को बंद करने की अनुशंसा की है.

जांच जारी, और भी कॉलेजों पर गिरेगी गाज

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिन 8 कॉलेजों की रिपोर्ट विभाग को सौंपी है उनकी जांच पूरी हो चुकी है. लेकिन कमेटी की जांच अब भी जारी है. दो से तीन दिन में कमेटी और भी 2-3 कॉलेजों की रिपोर्ट सौंपेगी. इसके अलावा एक से डेढ़ माह तक कमेटी लगातार विभिन्न कॉलेजों का औचक निरीक्षण करेगी. कमी मिलने पर कमेटी अपना मंतव्य विभाग को देगी, रिपोर्ट के आधार पर अपर मुख्य सचिव आगे का निर्णय लेंगे.

इन कॉलेजों में हुआ निरीक्षण, जांच के बाद कार्रवाई का, निर्देश

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