


Garhwa. गढ़वा जिले के हूर मध्या गांव में स्थित एक सड़क निर्माण कंपनी के कैंप में प्रतिबंधित मांस मिलने से हड़कंप मच गया. जब कैंप के गार्ड ने इसका विरोध किया, तो वहां मौजूद मजदूरों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. यह घटना शनिवार की सुबह उस समय हुई जब एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर कैंप में कुछ सामान लेकर पहुंचा था. दरअसल, गढ़वा थाना क्षेत्र में शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य कर रही है. इस कंपनी का कैंप हूर मध्या गांव में नहर के पास स्थित है, जहां 9 मजदूर और एक गार्ड रहते हैं. शनिवार को एक व्यक्ति प्लास्टिक के झोले में कुछ सामान लेकर कैंप में आया, जिसे गार्ड गोविंद चौधरी ने रोका और उससे पूछताछ की. पहले तो इसे चिकन बताया गया, लेकिन जब गार्ड ने झोला खोला, तो उसमें प्रतिबंधित गो-अंश पाया गया. इस पर गार्ड ने विरोध किया, तो कैंप में मौजूद मजदूरों ने गार्ड के साथ मारपीट शुरू कर दी.
गार्ड की मदद से घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को हुई और जल्द ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई.घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ नीरज कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. पुलिस ने कैंप में मौजूद 9 मजदूरों को गिरफ्तार कर थाना ले आई. इन मजदूरों की पहचान पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले के निवासी के रूप में की गई है.
एसडीपीओ नीरज कुमार ने बताया कि प्रतिबंधित मांस को जब्त कर लिया गया है और अब उसका पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया जा रहा है. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना ने क्षेत्र में गंभीर तनाव उत्पन्न कर दिया है. पुलिस का कहना है कि वे पूरी घटना की जांच करेंगे और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी असंतोष है, जो पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का समाधान चाहते हैं.



