
Ghatsila. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को मतदाताओं से भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए अपनी लोकतांत्रिक शक्ति का प्रयोग करने का आग्रह किया और मतदाताओं को “अफवाह फैलाने वालों, खरीद-फरोख्त करने वालों और जाति एवं पंथ के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों के प्रति आगाह किया. घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में धालभूमगढ़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि भाजपा वोट मांगने के लिए धनबल और धमकियों का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “लोकतंत्र में जनता की अदालत से बड़ी कोई अदालत नहीं है. भाजपा प्रत्याशी के बारे में सीएम ने कहा कि उनकी चाल-ढाल से आप सभी परिचित हैं. झामुमो का खा-पीकर मोटा हुआ, अब भाजपा के खेत में हल चला रहा है.
पार्टी प्रत्याशी सोमेश सोरेन को मृदुभाषी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमेश को आप सब भारी मतों से जिताइये. झारखंड मुक्ति मोर्चा को राज्य के आदिवासी, मूलवासी, गरीब और पिछड़ों ने मिलकर बनाया है. इसे इतना बड़ा कर दिया है कि इसकी छांव सवा तीन करोड़ जनता को मिल रही है. झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और घाटशिला के मौजूदा विधायक तथा झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की अगस्त में हुई मौत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपचुनाव एक संवैधानिक दायित्व है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए.
सोरेन ने भाजपा पर सबसे बड़ा संगठन होने का दावा करने के लिए हमला किया और उस पर ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों, आदिवासियों, दलितों और किसानों का दमन करने का आरोप लगाया. उन्होंने नाम लिए बगैर भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन और उनके पिता की आलोचना की और कहा कि बाबूलाल झामुमो में पले-बढ़े हैं, लेकिन अब भाजपा के हितों की पूर्ति कर रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतों ने झारखंड आंदोलन को कमजोर किया और राज्य निर्माण की प्रक्रिया में देरी की. सोरेन ने 2024 के विधानसभा चुनावों को याद करते हुए कहा कि रामदास सोरेन ने जनता के समर्थन के कारण बाबूलाल सोरेन को बड़े अंतर से हराया था.11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में मतदाताओं से सोमेश चंद्र सोरेन का समर्थन करने की अपील करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीदवार अपने दिवंगत पिता के अधूरे काम को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं.