


Ghatsila.झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा कि बिहार में सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) के भीतर हुए हालिया घटनाक्रम का 11 नवंबर को होने वाले घाटशिला उपचुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह सीट झामुमो विधायक और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जिनका 15 अगस्त को नयी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था.
सोरेन झामुमो की पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई के अध्यक्ष भी थे. पार्टी ने उपचुनाव के लिए उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को अपना उम्मीदवार बनाया है. उनका मुकाबला भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बाबूलाल सोरेन से है, जो 2024 के विधानसभा चुनाव में दिवंगत मंत्री से हार गए थे. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने बाबूलाल मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है, जो पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे. शुक्रवार को निर्दलीय उम्मीदवार विक्रम किस्कू द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद एक महिला सहित कुल 13 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं.
झामुमो प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी ने झारखंड के राजस्व, पंजीकरण और भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरुआ, रामदास सोरेन की पत्नी सुरजमणि सोरेन और गठबंधन नेताओं के साथ कहा कि ‘इंडिया’ एकजुट है और सोमेश सोरेन की “ऐतिहासिक जीत” के लिए काम कर रहा है.
बिहार में सीट बंटवारे को लेकर विवाद के बारे में पूछे जाने पर सारंगी ने कहा, बिल्कुल, हम एकजुट हैं और इस उपचुनाव में राजग के खिलाफ एक ताकत के रूप में लड़ रहे हैं. बिहार के घटनाक्रम का घाटशिला में हमारी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने हालांकि कहा कि पार्टी घाटशिला उपचुनाव के बाद बिहार के घटनाक्रम की समीक्षा करेगी.



