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HCL Rakha&Chapri Mines: हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील घाटशिला में एचसीएल की राखा और चापरी तांबा खदान हासिल करने की दौड़ में, दोनों खदानों की सालाना 30 लाख टन की है उत्पादन की कुल क्षमता

New Delhi. आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और सज्जन जिंदल की अगुवाई वाली जेएसडब्ल्यू स्टील झारखंड में दो तांबे की खदानों को हासिल करने की दौड़ में हैं. इन खानों को इसी महीने बिक्री के लिए रखा जाएगा. सूत्रों ने यह जानकारी दी. दोनों खदानों की कुल क्षमता सालाना 30 लाख टन की है. सूत्रों ने कहा कि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और जेएसडब्ल्यू स्टील झारखंड में सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की दो तांबा खदानों के अधिग्रहण की दौड़ में हैं. दोनों खदानों की नीलामी अक्टूबर में ही होने की संभावना है. इनमें से एक ब्लॉक नया है, जबकि दूसरा पिछले 20 साल से बंद है. हिंदुस्तान कॉपर ने पहले राखा तांबा खान को फिर से खोलने और उसका विस्तार करने और चापरी में भूमिगत खदान के विकास और संचालन के लिए खान डेवलपर-सह-परिचालक (एमडीओ) की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे. हिंदुस्तान कॉपर ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा था कि राखा खनन पट्टा 2021 में समाप्त हो गया. खनन पट्टे के विस्तार का कार्य झारखंड सरकार के साथ प्रगति पर है

इसके अलावा खनन पट्टे के तहत शेष वन क्षेत्र पर चरण एक की वन मंजूरी देने के लिए आवेदन को परियोजना जांच समिति द्वारा स्वीकार कर लिया गया है. राज्य वन विभाग के विभिन्न अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण पूरा हो चुका है. हिंदुस्तान कॉपर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक घनश्याम शर्मा ने हाल मे कहा था कि कंपनी खदान उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 1.22 करोड़ टन सालाना करने के लिए विस्तार परियोजनाओं को लागू कर रही है. इस कदम से तांबे के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी. कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में 37.8 लाख टन अयस्क का उत्पादन किया, जो वित्त वर्ष 2022-23 के 33.5 लाख से 13 प्रतिशत अधिक है.

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