
Ranchi. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक हुई, जिसमें झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास, संसाधनों पर अधिकार और केंद्र से अपेक्षित सहयोग से जुड़े मुद्दों को उठाया. इस मौके पर उन्होंने झारखंड को केवल खनिज संपदावाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि देश के भविष्य के औद्योगिक, शैक्षणिक और मानव संसाधन विकास के केंद्र के रूप में देखने की वकालत की. उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब झारखंड जैसे राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराने वाले प्रदेशों की बजाय विकास के बराबर भागीदार के रूप में स्वीकार किया जायेगा. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से अब झारखंड के विद्यार्थी आइआइटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित हो रहे हैं. राज्य सरकार इसी तर्ज पर 5000 विद्यालयों को विकसित करने की दिशा में काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने झारखंड में पीएम श्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की. साथ ही राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए एनसीइआरटी का एक क्षेत्रीय केंद्र झारखंड में स्थापित करने का आग्रह किया. सीएम ने कहा कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में 220 अतिरिक्त स्नातक और 217 स्नातकोत्तर सीटों की स्वीकृति लंबित है. उन्होंने केंद्र सरकार से इन प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया. कहा कि पीपीपी मोड में प्रस्तावित छह मेडिकल कॉलेजों में से चार को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि दो की स्वीकृति अभी शेष है. मुख्यमंत्री ने इन दोनों कॉलेजों को भी जल्द मंजूरी देने की मांग की. सीएम ने कहा कि झारखंड आज हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और तीरंदाजी जैसे खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है.
ऐसे में झारखंड राष्ट्रीय स्तर के हॉकी और फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का स्वाभाविक दावेदार है. उन्होंने कहा कि यह केवल खेल का विषय नहीं, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को अवसर देने का भी सवाल है. सीएम ने खेल महासंघों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उनके पुनर्गठन की भी मांग की. इसके साथ ही राज्यों की भागीदारी वाली समितियों के गठन का सुझाव दिया. उन्होंने मेगा स्पोर्ट्स कंपलेक्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्द्धा की मेजबानी की भी मांग की.