*राजेंद्र पुल, मोकामा के समानांतर बनाए गए नए रेल पुल का रेल संरक्षा आयुक्त ने किया निरीक्षण*

हाजीपुर:

परिचालन दक्षता एवं रेलखंड की क्षमता में वृद्धि की दिशा में पूर्व मध्य रेल द्वारा निरंतर आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में दानापुर मंडल के मोकामा– रामपुर डुमरा रेलखंड के लगभग 13 किलोमीटर हिस्से में आज 03 नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 02 लेवल क्रॉसिंग गेट इंटरलॉकिंग तथा ऑटो सिग्नलिंग कार्य की कमिश्निंग की गई ।
मोकामा– रामपुर डुमरा रेलखंड में टाल, हाथीदह एवं रामपुर डुमरा में 03 नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की कमिश्निंग की गई । इससे ट्रेनों के परिचालन में अधिक दक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी तथा रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
इसके साथ ही इस रेलखंड में 02 लेवल क्रॉसिंग गेटों की इंटरलॉकिंग की गई । इससे लेवल क्रॉसिंग पर परिचालन अधिक सुरक्षित एवं संरक्षा में वृद्धि होगी तथा सड़क एवं रेल यातायात के सुरक्षित संचालन में मदद मिलेगी।
ऑटो सिग्नलिंग कार्य के पूरा होने से इस रेलखंड पर दक्षता एवं सुगमता आएगी जिससे ट्रेनों के संचालन की क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही ट्रेनों के बेहतर परिचालन प्रबंधन, लाइन क्षमता के अधिक प्रभावी उपयोग तथा रेल संरक्षा सुनिश्चित होगी ।
*रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण*
इसी क्रम में रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी सर्किल कोलकाता, श्री गुरु प्रकाश द्वारा आज दिनांक 03.10.2026 को माल और यात्री परिवहन के लिए बनाए गए नए पुल ( राजेंद्रपुल-हाथीदह ऊपर) और विद्युतीकरण के साथ दोहरीकरण का निरीक्षण किया गया। संपूर्ण निरीक्षण दो दिनों 03 एवं 04 अक्टूबर में संपन्न की जानी है।
आज दिनांक 03.10.2026 को निरीक्षण के प्रथम दिन संपूर्ण निरीक्षण मोटर ट्रॉली द्वारा किया गया।
आज के इस निरीक्षण में रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा राजेंद्रपुल और हाथीदह ऊपर के बीच बने मुख्य पुल (पूर्वी लाइन), हाथीदह ऊपर से रामपुर डुमरा के बीच नए वाया-डक्ट-1 (हावड़ा एंड) तक का विस्तृत रूप से निरीक्षण किया गया ।
इस निरीक्षण में रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी सर्किल कोलकाता, श्री गुरु प्रकाश के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण/दक्षिण, श्री राजीव गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक/दानापुर श्री विनोद कुमार सहित निर्माण संगठन, इरकाॅन एवं मंडल के उच्च अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
इस पुल पर मालगाड़ी एवं यात्री ट्रेनों के परिचालन के प्रारंभ होने से आसपास के क्षेत्रों में रेल यातायात की गति एवं क्षमता में वृद्धि होगी जिसका व्यापक लाभ मिलेगा। विशेष रूप से यह पुल उत्तर एवं दक्षिणी बिहार को जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


