


Jamshedpur. जमशेदपुर में गुरुवार को आदिवासी जनाक्रोश महारैली आयोजित हुई, जिसमें आदिवासी समुदाय ने कुड़मियों को आदिवासी मानने की मांग का विरोध किया. प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. दरअसल, कुड़मियों को आदिवासी बनाने की मांग किए जाने का विरोध करने के लिए आदिवासी जनाक्रोश महारैली उपायुक्त कार्यालय पहुंची. यहां आदिवासी समाज के लोग उपायुक्त कार्यालय के गेट पर सड़क पर बैठ गए. इस दौरान जय सरना जय आदिवासी के नारे लगाए गए.
इस महारैली में जमशेदपुर के आदिवासी तो शामिल हुए ही, बंगाल सीमा, ओडिशा सीमा के आदिवासी संगठन से भी लोगों की भीड़ प्रदर्शन में शामिल हुई. दोपहर दो बजे महारैली से क्लेक्ट्रेट पहुंची. इससे पहले शहर के अलग-अलग इलाकों से महारैली निकाली गई. इस महारैली में कारनडीह-जुगसलाई-बिस्टुपुर -साकची से होते हुए आमबगान पैदल रैली करते हुए लोग पहुंचे. इसी तरह बिरसानगर- बारीडीह- एग्रिको -साकची से होते हुए भी लोग आमबगान पैदल रैली करते हुए पहुंची. वहीं बाबा तिलका माझी मैदान बालीगुमा-डिमना चौक -मानगो होते हुए भी लोग आमबगान पैदल रैली करते हुए पहुंचे.
आदिवासी जनाक्रोश महारैली में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक परिधान में पहुंचे. वही कई प्रदर्शनकारी सांकेतिक रूप से जल जंगल और ज़मीन से जुड़ाव दिखाने के लिए पत्ते पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे. ये प्रदर्शनकारी पूरे प्रदर्शन में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे. आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि यह प्रदर्शन आदिवासियों की अस्मिता और आरक्षण पर हो रहे हमले के खिलाफ है.



