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JAMSHEDPUR NEWS: बागबेड़ा कॉलोनी में जलापूर्ति की अनियमितता पर डीसी को 15 सूत्री मांग पत्र, जांच का निर्देश

जमशेदपुर: बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी में निर्धारित समय पर नियमित, पर्याप्त और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता और श्रवण मिश्रा ने स्थानीय लोगों के साथ उपायुक्त राजीव रंजन को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बागबेड़ा कॉलोनी में लंबे समय से जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।

पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2025 में करीब 1.88 करोड़ रुपये की लागत से बिष्टुपुर में नया फिल्टर पंप हाउस बनाए जाने के बावजूद बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के करीब 1140 क्वार्टरों में रहने वाले लोगों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बागबेड़ा की पानी टंकी के जर्जर होने का मुद्दा भी उपायुक्त के समक्ष उठाया।

नए फिल्टर पंप हाउस के निर्माण और गुणवत्ता की जांच की मांग

15 सूत्री मांग पत्र में नए फिल्टर पंप हाउस के निर्माण से संबंधित स्वीकृति, प्राक्कलन, कार्यादेश, मापी पुस्तिका, भुगतान और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा मोटर, फुटबॉल्व, पाइपलाइन और संप की तकनीकी जांच कराने की मांग भी रखी गई।

मांग पत्र में संबंधित संवेदक और पदाधिकारियों की भूमिका की जांच, पेयजल के नमूनों की अधिकृत प्रयोगशाला से जांच तथा पानी टंकी और संप की नियमित सफाई कराने की मांग शामिल है।

सुबह-शाम निर्धारित समय पर पानी देने की मांग

स्थानीय लोगों ने जलापूर्ति व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति के साथ रात्रिकालीन ऑपरेटर की व्यवस्था करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोगों को सुबह और शाम निर्धारित समय पर नियमित जलापूर्ति मिलनी चाहिए।

इसके साथ ही ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति की नियमित बैठक कराने और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी उपायुक्त के समक्ष रखी गई।

डीसी ने कार्यपालक अभियंता को दिए निर्देश

उपायुक्त राजीव रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता शिव कुमार दिनकर को निर्धारित समय पर जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बागबेड़ा की जर्जर पानी टंकी को दुरुस्त कराने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

उपायुक्त ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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