
जमशेदपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देश पर जिले में चल रहे 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की जागरूकता मोबाइल वैन बोड़ाम प्रखंड के सुदूरवर्ती रसिकनगर गांव पहुंची। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को विभिन्न कानूनी अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और सरकारी विधिक सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
पीएम श्री विद्यालय में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (अधिकार मित्र) की टीम ने पीएम श्री उत्क्रमित प्लस-2 उच्च विद्यालय, रसिकनगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्रों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
POCSO, गुड टच-बैड टच और बाल अधिकारों पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य योगिता कुमारी तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, प्रकाश मिश्रा, निताई चंद्र गोराई और सुशेन चंद्र महतो ने बच्चों को गुड टच-बैड टच, POCSO एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, नशा उन्मूलन, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में सरल भाषा में विस्तार से जानकारी दी।
विशेष रूप से बच्चों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या अपराध की स्थिति में वे बिना डर के संबंधित अधिकारियों और कानूनी सहायता संस्थाओं से संपर्क करें।
निःशुल्क कानूनी सहायता लेने की अपील
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों को बताया गया कि यदि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या आती है तो वे अपने नजदीकी लीगल एड क्लीनिक या सिविल कोर्ट परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इसी लक्ष्य के साथ जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के अंत में छात्रों और ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, सामाजिक कुरीतियों का विरोध करें और कानून का पालन करते हुए सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
