



जमशेदपुर:
जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय (कोर्ट) परिसर के समीप से हुए युवक के अपहरण मामले का सीतारामडेरा थाना पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर सफल खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहरण में प्रयुक्त कार और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
इस कार्रवाई को जमशेदपुर पुलिस की त्वरित जांच और तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
15 जुलाई को कोर्ट परिसर के पास से हुआ था अपहरण
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि छायानगर निवासी सुशील डे का कोर्ट परिसर के समीप से अपहरण कर लिया गया है। सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना में कांड संख्या 74/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई, जिसने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई स्तरों पर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से मिली बड़ी सफलता
विशेष जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर तेजी से कार्रवाई की। इसी क्रम में पुलिस ने उसी दिन अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, अपहरण में इस्तेमाल कार और मोबाइल बरामद
शनिवार को पुलिस ने मामले के नामजद आरोपी मोनी मोहंती उर्फ चितरंजन मोहंती और कृष्णा यादव उर्फ दबंग को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपहरण में इस्तेमाल की गई कार (जेएच-05डीए-4721) तथा एक मोबाइल फोन भी बरामद कर जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 12 आपराधिक मामले
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी मोनी मोहंती उर्फ चितरंजन मोहंती के खिलाफ गोलमुरी, सीतारामडेरा, मानगो और ओलिडीह थाना सहित विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपी के आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और पूरे अपहरण की साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
इन पुलिस अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में सहायक थाना प्रभारी आनंद मिश्रा, अवर निरीक्षक सूरज प्रसाद, प्रद्युम्न कुमार, अभय कुमार, मनरंजन कुमार, शंकर ठाकुर तथा सीतारामडेरा थाना के सशस्त्र बल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


