


Jamshedpur. टाटानगर स्टेशन परिसर में लोको पायलट जीके गौतम की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में यह मामला अब एक बड़े जमीन विवाद और कथित सुपारी किलिंग की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस का मानना है कि यह हत्या बेहद पेशेवर तरीके से की गई, जिससे साफ है कि इसमें प्रशिक्षित शूटर शामिल हो सकते हैं. जानकारी के अनुसार, गौतम रेलवे में लोको पायलट होने के साथ-साथ जमीन के कारोबार में भी सक्रिय थे। उन्होंने हाल ही में आदित्यपुर के कुलुपटांगा बस्ती में करीब 20 कट्ठा जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर वे प्लॉटिंग का बड़ा प्रोजेक्ट चला रहे थे, जिसमें कई स्थानीय साझेदार और ठेकेदार भी जुड़े हुए थे।
सूत्रों के मुताबिक, इसी जमीन को लेकर उनका स्थानीय भू-माफियाओं या किसी संगठित सिंडिकेट से विवाद चल रहा था। यह विवाद धीरे-धीरे इतना गहरा गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया।
रविवार रात लाबी गेट के पास जिस तरह गौतम की कनपटी पर सटाकर गोली मारी गई, उसने पुलिस को चौंका दिया है। यह तरीका आम अपराध नहीं बल्कि टारगेट किलिंग की ओर इशारा करता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अपराधियों को गौतम की हर गतिविधि की जानकारी थी। उन्हें यह भी पता था कि गौतम की मालगाड़ी कब टाटानगर पहुंचेगी और वह कब पैदल लॉबी की ओर जाएंगे। इससे यह साफ होता है कि हत्या से पहले लंबी रेकी की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है। गौतम के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली जा रही है और बैंक खातों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा, उनके व्यावसायिक साझेदारों, ठेकेदारों और हाल के संपर्कों से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस का खुलासा किया जाएगा।



