जमशेदपुर: दीपावली की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर की ओर से गोलमुरी स्थित शहीद स्मारक पर ‘प्रथम दीया शहीदों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पूर्व सैनिकों और शहर के देशभक्त नागरिकों ने दीप जलाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने शहीदों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद के जिला महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित कर और शहीदों के नाम दीप जलाकर किया। उन्होंने संगठन गीत के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उपस्थित पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने बारी-बारी से शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित किए और दीप प्रज्वलित कर वीर जवानों को याद किया।
सैनिकों का बलिदान देश की श्रेष्ठ परंपरा: सत्येंद्र कुमार सिंह
कार्यक्रम के संयोजक एवं भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक सत्येंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वीरता, शौर्य और पराक्रम सैनिकों के आभूषण हैं, जबकि उनका बलिदान जीवन की श्रेष्ठ परंपरा है। उन्होंने कहा कि जब देश के लोग दीपावली पर अपने घरों को रोशन करने में व्यस्त होते हैं, उस समय भी सैनिक सीमा पर राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ समय समर्पित कर रहे होते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि दीपावली का पहला दीपक उन वीर शहीदों के नाम समर्पित करें, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीदों के माता-पिता के योगदान को भी किया याद
परिषद के प्रदेश महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने प्रथम दीप प्रज्वलित कर वीर शहीदों के माता-पिता का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि वे माता-पिता भी धन्य हैं, जिनके बच्चों के बलिदान से देश की सैन्य परंपरा गौरवान्वित होती है।
इस अवसर पर क्रीड़ा भारती के झारखंड मंत्री राजीव कुमार ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने भारतीय उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने तथा भारतीय परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा आज भी प्रासंगिक है और आत्मनिर्भर भारत की सोच इसी विचार से जुड़ी है।
‘वीर शहीद अमर रहें’ के नारों से गूंजा स्मारक
कार्यक्रम में पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हुए। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप जलाए। कार्यक्रम का समापन ‘भारत माता की जय’ और ‘वीर शहीद अमर रहें’ के नारों के साथ हुआ।