
Ranchi. झारखंड हाई कोर्ट ने जमशेदपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी) को शहर के 24 चिन्हित अवैध निर्माणों को एक माह के भीतर तोड़ने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन को 25 फरवरी 2026 तक इस आदेश का अनुपालन कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह मामला राकेश झा द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका से जुड़ा है।
अदालत के आदेश के बाद साकची, बिष्टुपुर, सोनारी और कदमा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। साकची के एसएनपी एरिया में सबसे अधिक अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा, बिष्टुपुर के रामदास भट्टा, धतकीडीह के ए ब्लॉक, सोनारी के कागलनगर और सर्किट हाउस एरिया के भवनों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने अपना पक्ष रखा। दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने जेएनएसी को सख्त निर्देश दिए कि चिन्हित प्रतिवादियों के अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करें।



