
जमशेदपुर: आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त Rajeev Ranjan ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के समक्ष सामाजिक, व्यक्तिगत और विकास से जुड़े अनेक मामलों को रखा, जिनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए।
जाति प्रमाण पत्र से लेकर जमीन विवाद तक पहुंचे कई मामले
जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों में जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने, घर पर तालाबंदी, लंबित भुगतान, नाली निर्माण एवं सफाई, उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, जमीन विवाद, अतिक्रमण हटाने, बिजली बिल में सुधार, झारखंड आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र जारी करने, दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने, पारिवारिक विवाद, ई-ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने तथा चिकित्सा सहायता सहित कई महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े आवेदन शामिल रहे।
हर आवेदन का नियमसम्मत और निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी मामलों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का नियमसम्मत, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान करना है, ताकि आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
तत्काल समाधान योग्य मामलों का मौके पर निस्तारण करने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव है, उनका निस्तारण उसी दिन किया जाए। वहीं जिन मामलों में विस्तृत जांच या प्रक्रिया की आवश्यकता है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कर आवेदकों को राहत दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की जनहित और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
