



Jamshedpur. झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्या कुमार ने शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य में जंगल सफारी की शरुआत की और पर्यावरण के अनुकूल 30 कॉटेज की आधारशिला रखी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। कुमार ने जंगल सफारी सेवा के लिए पांच वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को अभ्यारण्य के भीतर एक नया अनुभव प्रदान करना है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, दलमा झारखंड की प्राकृतिक धरोहर का केंद्र है। जंगल सफारी की शुरुआत और पर्यावरण के अनुकूल कॉटेज की आधारशिला रखने के साथ ही इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता आगे बढ़ रही है। ये सुविधाएं इस क्षेत्र को एक नई पहचान देंगी और स्थानीय रोजगार सृजित करेंगी।
मंत्री ने बताया कि मकलकोचा और पिंडराबेरा में 15-15 कॉटेज की नींव रखी जा चुकी है तथा इस परियोजना के तहत कुल 59 कमरे विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, यह पहल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होगी। कुमार ने कहा कि पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए प्रत्येक सफारी वाहन के साथ प्रशिक्षित गाइडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
जमशेदपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य का उद्घाटन 1975 में किया गया था। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में फैले 193 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में स्थित यह अभ्यारण्य भारतीय हाथियों और अन्य वन्यजीवों की एक महत्वपूर्ण आबादी का घर है।



