


JAMSHEDPUR: पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति अंतर्गत राजस्व चोरी एवं अवैध निर्माण आम बात हो गई है. चंद अधिकारी “हेमंत है तो हिम्मत है” को गलत ढंग से परिभाषित कर हेमंत सोरेन और उनके सरकार की छवि को धूमिल करते दिख रहे हैं.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं नगर विकास मंत्री सुदीब्य कुमार,भ्रष्टाचार में लिप्त अफ़सरों पर कब कार्रवाई करेंगे,यह चौक- चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति अंतर्गत मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में अवैध भवन निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है. यहां ऐसा प्रतीत होता है कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के अधिकारी एवं कर्मचारी मौन समर्थन दे रहे हैं. जिसके कारण उक्त स्थल पर निरंतर एवं निर्वाध ढंग से अवैध निर्माण कार्य जारी है.

सूत्र बताते हैं कि JNAC क्षेत्र में अधिकारी एवं अवैध भवन निर्माता में सीलिंग- सीलिंग का दोस्ताना खेल वर्षों से जारी है.जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के पदाधिकारीगण जिस अवैध निर्माण को चाहे पूरा करवाते हैं एवं जिस भी अवैध निर्माण को चाहे,उस पर जुर्माना एवं अन्य विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई कार्रवाई करते हैं, जो जांच का विषय बना हुआ है.
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति अंतर्गत नियम-कायदों को ताक पर रखकर दर्जनों आवासीय व व्यावसायिक भवन निर्माण कार्य बिना परमिशन व नक्शा स्वीकृत कराये धड़ल्ले से हो रहा है. इससे JNAC प्रशासन को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का घाटा उठाना पड रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि JNAC क्षेत्र में पदाधिकारियों के तालमेल के कारण ही संभवतः बिना किसी मापदंड एवं स्वीकृत नक्शा के भवनों का निर्माण कराया जा रहा है.
JNAC क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी टाउन प्लानर एवं क्षेत्रीय कर्मचारी की है, लेकिन JNAC के टाउन प्लानर एवं क्षेत्रीय कर्मचारी इस दिशा में सक्रिय रवैया नहीं अपनाते हैं. इस वजह से हर साल JNAC को करोड़ों रुपये के राजस्व का घाटा उठाना पडता है.
अब देखना है कि जिले के वरीय पदाधिकारी एवं झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री सुदीब्य कुमार व्यवस्था सुधार मे क्या कदम उठाते हैं.



