


जमशेदपुर।
अनिल मोदी ने कहा कि ओवरब्रिज के निर्माण के समय इसे आकर्षक एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से ब्रिज के सभी पिलरों पर रंग-बिरंगी एलईडी लाइटें लगाई गई थीं। इन लाइटों के कारण रात्रि में पूरा ओवरब्रिज जगमगाता था और इसकी सुंदरता देखते ही बनती थी। किंतु वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत लाइटें खराब हो चुकी हैं, जिससे ओवरब्रिज का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है।
उन्होंने बताया कि बिष्टुपुर की ओर से ओवरब्रिज पर प्रवेश करने पर कुछ लाइटें जलती हुई दिखाई देती हैं, लेकिन जैसे ही बीच के हिस्से में पहुंचते हैं, अधिकांश लाइटें बंद मिलती हैं। इससे न केवल ओवरब्रिज की सुंदरता प्रभावित हुई है, बल्कि रात के समय आने-जाने वाले लोगों के लिए दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
अनिल मोदी ने कार्यपालक पदाधिकारी से मांग की कि ओवरब्रिज की सभी खराब लाइटों की अविलंब मरम्मत कराई जाए ताकि जुगसलाई का मुख्य प्रवेश द्वार पुनः प्रकाशमान एवं सुरक्षित बन सके। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान रखरखाव एजेंसी अपनी जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रही है, तो उसे कड़ी चेतावनी दी जाए अथवा आवश्यक होने पर नई एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आम नागरिकों की सुरक्षा का विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने ओवरब्रिज पर बढ़ती गंदगी पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कभी अपनी सुंदरता के लिए पहचाना जाने वाला यह ओवरब्रिज रखरखाव के अभाव में गंदा दिखाई देने लगा है। उन्होंने मांग की कि जिस एजेंसी को प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है, उसे नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी दी जाए अथवा इसके लिए अलग से प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जुगसलाई का यह प्रमुख प्रवेश द्वार स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बना रहे।



