



Jamshedpur.विधायक सरयू राय ने शनिवार को शहर के जलजमाव वाले इलाकों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि खरकई और सुवर्णरेखा नदी के किनारे लगे स्लुइस गेटों के काम नहीं करने के कारण कदमा, सोनारी, बिष्टुपुर, मानगो के शांतिनगर, दाईगुट्टू के अनेक घरों में पानी घुस गया है. उन्होंने साफ-साफ कहा कि अगर स्लुइस गेट काम करते तो पानी नहीं घुसता. उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता माना. जलग्रस्त इलाकों के दौरे के बाद यहां जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि गीतांजलि अपार्टमेंट और ग्रीन पार्क एरिया के रहवासियों की भी परेशानी बढ़ी है. इसका मुख्य कारण है खरकई और स्वर्णरेखा नदी के किनारे बसे इलाकों में जो स्लुइस गेट लगाए गये, वो काम नहीं कर रहे हैं. बरसात के पहले इनकी मरम्मत नहीं हुई. नतीजा यह हुआ कि स्लुइस गेट लगाना निर्रथक हो गया. जिस पानी को रोकने के लिए स्लुइस गेट लगाए गये थे, वह पानी नालों में बह कर चला गया और घरों में जा घुसा। यह प्रशासनिक विफलता ही है.
सरयू राय ने कहा कि टाटा स्टील ने मरीन ड्राइव तो ऊंचा बना दिया, ताकि उसके भारी वाहनों का आना-जाना सुगम हो सके. लेकिन, मरीन ड्राइव के किनारे बसी हुई बस्तियों की स्थिति कैसे सुधरेगी, इसके बारे में कंपनी ने कोई विचार नहीं किया. टाटा स्टील और प्रशासन को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बस्तियों में पानी न घुसे. इस दिशा में काम करना चाहिए. लेकिन अफसोस की बात है कि इस पर कोई ध्यान नहीं देता.
सरयू राय ने कहा कि अब नदी धीरे-धीरे सिकुड़ती जा रही है. टोल ब्रिज से लेकर मानगो तक नदी की चौड़ाई में काफी कमी आई है. 2008 के पहले टोल ब्रिज के पास जलस्तर एक फीट ऊंचा होता था, पर आज 4 से 5 फीट जलस्तर ऊंचा हो रहा है. दोनों तरफ से नदी के किनारों को मजबूत करने के लिए स्वर्णरेखा परियोजना, जल संसाधन विभाग और टाटा स्टील ने भी प्रयास किया. इसी का नतीजा है कि नदी की चौड़ाई कम हो गई और जलस्तर ऊपर जा रहा है. इसके कारण मोहल्लों में तेज गति से पानी आ रहा है.
विधायक ने बताया कि इस संबंध में डीसी को बताने पर उन्होंने कहा कि जिन घरों में पानी गया है, उन सभी घरों के लोगों को सामुदायिक भवनों में ठहराया जा रहा है. उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है.



