


जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित कांटाशोल में गुरुवार को पोटका के विधायक संजीव सरदार ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी। विधायक ने छात्रावास, किचन और परिसर में मौजूद अन्य सुविधाओं का बारीकी से मुआयना किया और खामियां मिलने पर अधिकारियों को जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया।
मेन्यू के अनुसार नहीं मिला भोजन, टूटे नलों पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान विधायक ने सीधे छात्रावास, किचन, शौचालय और प्रधानाचार्य कार्यालय का जायजा लिया। इस दौरान छात्रों के लिए बन रहे भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जांच में यह बात सामने आई कि बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार कुछ भोजन नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा, बाथरूम के कई नल टूटे हुए पाए गए, जिससे पानी की बर्बादी और बच्चों को असुविधा हो रही थी। इन कमियों पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य को अविलंब व्यवस्था में सुधार करने का कड़ा निर्देश दिया।
बच्चों से विधायक का सीधा संवाद: “किसी भी परेशानी में सीधे बताएं”
विधायक संजीव सरदार ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यदि उन्हें खाने-पीने, रहने या पढ़ाई में किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो वे अपने अभिभावकों के माध्यम से या सीधे उन तक अपनी बात पहुंचाएं, ताकि उसका त्वरित समाधान निकाला जा सके।
कर्मचारियों के मानदेय को लेकर डीडीसी से की फोन पर वार्ता
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय के शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं विधायक के सामने रखीं। कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान न होने की शिकायत की। इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से लेते हुए विधायक ने मौके से ही पूर्वी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने डीडीसी को आवश्यक कार्रवाई करने और कर्मचारियों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नए भवन का निरीक्षण
विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट कहा कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे ही राज्य और समाज का भविष्य हैं। ऐसे में उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को नियमित निगरानी रखने और विद्यार्थियों के लिए एक अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने परिसर में निर्माणाधीन नए भवनों के कार्य का भी जायजा लिया और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मिर्जा सोरेन, सचिव जयपाल सिंह मुर्मू, भगत बास्के, भगत हांसदा, अर्जुन मुर्मू, रामदास हेंब्रम और काजमान सिंह सरदार सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।




