


जमशेदपुर—
झारखंड की धार्मिक पहचान को नया आयाम देने की दिशा में गालूडीह स्थित श्री माता वैष्णोदेवी धाम मंदिर अब एक भव्य आध्यात्मिक परियोजना का केंद्र बनने जा रहा है। मंदिर परिसर में 61 फीट ऊंची ‘अनाहत शिव’ प्रतिमा के निर्माण की योजना बनाई गई है, जो पूरे भारतवर्ष में अनूठी होगी। यह प्रतिमा न केवल भक्ति का केंद्र बनेगी, बल्कि राज्य के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगी।
इस परियोजना के निर्विघ्न निर्माण के लिए 108 करोड़ बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र जप का संकल्प लिया गया है। विशेष बात यह है कि यह मंत्र जप देश ही नहीं, विदेश में बैठे श्रद्धालु भी ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे।
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इस ऐतिहासिक संकल्प की शुरुआत श्रावण मास के प्रथम सोमवार, 14 जुलाई को रांची स्थित राजभवन में किया गया। यहां राज्यपाल श्री संतोष गंगवार मंदिर द्वारा विकसित मोबाइल ऐप और वेबसाइट का लोकार्पण किया, जिसके माध्यम से श्रद्धालु मंत्र जप और सहयोग दर्ज करा सकेंगे।
मंदिर समिति के अध्यक्ष स्वामी हृदयानंद गिरि जी महाराज ने जानकारी दी कि शिव प्रतिमा निर्माण में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और इसे तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि देश के कुशल शिल्पकारों द्वारा इसका निर्माण किया जाएगा। शिलान्यास की तिथि वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद घोषित की जाएगी।
इस योजना को लेकर पूरे राज्य में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है। स्वामी हृदयानंद गिरि जी ने सभी शिव भक्तों से जप दान और आर्थिक सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु “matavaishnodevidham” ऐप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और प्रतिदिन किए गए मंत्र जप को दर्ज कर सकते हैं। यह जानकारी ऑनलाइन डैशबोर्ड में स्वतः जुड़ जाएगी।
www.matavaishnodevidham.org वेबसाइट पर भी यह सुविधा उपलब्ध है। स्वामी जी ने कहा कि “यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक धरोहर होगी। समाज के सहयोग से यह कार्य एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।”



