


जमशेदपुर।
भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर है। दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी में भारतीय वायु सेना के ‘अग्निवीर वायु’ भर्ती को लेकर एक विशेष जागरूकता व्याख्यान और कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों ने भारी संख्या में और बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं के चेहरों पर देश सेवा का जज्बा और भारतीय वायु सेना की नीली वर्दी पहनने का उत्साह और आकर्षण साफ झलक रहा था।
अग्निवीर वायु: करियर के सुनहरे अवसरों की विस्तृत जानकारी इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को भारतीय वायु सेना में करियर के शानदार अवसरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की सटीक और तकनीकी जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में 10 एयरमेन सिलेक्शन टीम की ओर से आए जूनियर वारंट ऑफिसर अजय शर्मा और मनदीप ने उपस्थित विद्यार्थियों का कुशल मार्गदर्शन किया। इन सैन्य अधिकारियों ने युवाओं को ‘अग्निवीर वायु योजना’ के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने योजना के तहत पात्रता मानदंड, लिखित परीक्षा की तैयारी, पूरी चयन प्रक्रिया, आवश्यक शारीरिक मापदंड (फिजिकल फिटनेस) और अनिवार्य शैक्षणिक योग्यताओं के बारे में बारीकी से जानकारी दी।
अनुशासन, फिटनेस और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश वायु सेना के अधिकारियों ने अपने ओजस्वी संबोधन में युवाओं को यह भी बताया कि सेना में भर्ती होने के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि शारीरिक और मानसिक दृढ़ता भी उतनी ही जरूरी है। जूनियर वारंट ऑफिसर अजय शर्मा और मनदीप ने विद्यार्थियों को जीवन में कड़े अनुशासन, नियमित फिटनेस और अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण के महत्व पर बल दिया। इस प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग और अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि के लगभग 100 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की और अधिकारियों के अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना।
संवादात्मक सत्र (Interactive Session) में दूर हुईं शंकाएं जागरूकता व्याख्यान के बाद एक संवादात्मक (इंटरएक्टिव) प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जो विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। इस दौरान युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया के नए नियमों, आयु सीमा की कटऑफ, परीक्षा के आधुनिक पैटर्न और मेडिकल टेस्ट की बारीकियों से जुड़े कई तरह के सवाल खुलकर पूछे। अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों का बेहद संतोषजनक और सरल भाषा में सटीक उत्तर दिया गया। इस सीधे संवाद से विद्यार्थियों के मन में उत्पन्न तमाम तरह की भ्रांतियां और शंकाएं पूरी तरह से दूर हो गईं, जिससे उनके आत्मविश्वास में काफी वृद्धि देखी गई।
देश सेवा के लिए युवाओं ने दिखाई अपनी प्रतिबद्धता कार्यक्रम के समापन के अवसर पर वहां उपस्थित युवाओं ने रक्षा मंत्रालय और वायु सेना की इस जमीनी पहल की जमकर सराहना की। विद्यार्थियों ने इस जागरूकता सत्र को अपने भविष्य और करियर के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी बताया। कई युवाओं ने पूरे जोश के साथ भारतीय वायु सेना में शामिल होकर देश के आसमान की रक्षा करने और निस्वार्थ भाव से मातृभूमि की सेवा करने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता व्यक्त की। आयोजकों का भी मानना है कि इस तरह के सीधे संवाद वाले कार्यक्रमों से युवाओं को सही दिशा मिलती है और वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते हैं।



