JAMSHEDPUR | झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक बदलाव का अनूठा उदाहरण रविवार को तमाड़ प्रखंड के प्रसिद्ध आर्टिस्ट विलेज चिरुडीह में देखने को मिला। झारखंड आंदोलनकारी स्वर्गीय अश्विनी महतो की स्मृति में आयोजित कला एवं खेल महोत्सव में कला, खेल और शिक्षा का शानदार संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बच्चों की सोहराय पेंटिंग प्रतियोगिता, मेधावी छात्रों का सम्मान और मिक्स जेंडर क्रिकेट सीरीज मुख्य आकर्षण रहे।
सोहराय पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित महोत्सव में बच्चों ने पारंपरिक सोहराय पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय कला और संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान मरधान पंचायत के विभिन्न गांवों से मैट्रिक परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 15 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
मिक्स जेंडर क्रिकेट सीरीज बनी मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण चिरुडीह गांव के सोहराय, छऊ और भित्ति चित्र कलाकारों से सजी दो मिक्स जेंडर क्रिकेट टीमों के बीच खेली गई तीन मैचों की क्रिकेट श्रृंखला रही। सीता सोहराय एकादश और काजल आर्टिस्ट एकादश के बीच पांच-पांच ओवर के तीन मुकाबले खेले गए।
सीरीज के पहले दोनों मुकाबलों में सीता सोहराय एकादश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य का पीछा कर जीत दर्ज की, जबकि तीसरा मुकाबला रोमांचक टाई पर समाप्त हुआ। इस प्रकार सीता सोहराय एकादश ने तीन मैचों की मिक्स जेंडर क्रिकेट सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली।
सीता कुमारी बनीं प्लेयर ऑफ द सीरीज
पूरी श्रृंखला में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाली सीता कुमारी को “प्लेयर ऑफ द सीरीज” चुना गया। उनके प्रदर्शन की दर्शकों और आयोजकों ने जमकर सराहना की।
खेल, कला और शिक्षा के संगम का बना उदाहरण
आयोजन में तमाड़ विधायक प्रतिनिधि हृषिकेश महतो, सोहराय कलाकार मनीष महतो, शिक्षाविद् आकाश महतो तथा सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण और युवा शामिल हुए। इस अवसर पर मिक्स जेंडर क्रिकेट सीरीज की विजेता और उपविजेता टीमों, मैट्रिक टॉपर छात्रों, चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेताओं तथा बेहतर पैरेंटिंग करने वाले अभिभावकों को रोलिंग स्टोन एकेडमी, चक्रधरपुर की ओर से ट्रॉफी और सम्मान प्रदान किया गया।
सामाजिक बदलाव का संदेश
आयोजकों ने कहा कि जब समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को त्योहारों, खेल और सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ा जाता है, तभी स्थायी सामाजिक परिवर्तन संभव हो पाता है। चिरुडीह का यह आयोजन कला, शिक्षा, खेल और सामाजिक समरसता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।