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Jamshedpur NEWS: बागबेड़ा जलापूर्ति संकट पर डीसी सख्त, 24 घंटे में पानी बहाल करने का निर्देश

जमशेदपुर। बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी में पिछले दो दिनों से जलापूर्ति ठप रहने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राजीव रंजन को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपकर जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और पंप हाउस की तकनीकी खामियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

24 घंटे में पानी बहाल करने का निर्देश

बागबेड़ा कॉलोनी में लगातार दो दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं होने की जानकारी मिलने पर उपायुक्त राजीव रंजन ने मामले में सख्ती दिखाई। उन्होंने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को 24 घंटे के भीतर जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को स्वयं पंप हाउस का निरीक्षण कर तकनीकी समस्याओं की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कार्रवाई पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

1.88 करोड़ की योजना के बाद भी जल संकट

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि वर्ष 2025 में करीब 1.88 करोड़ रुपये की लागत से नए फिल्टर पंप हाउस का निर्माण किया गया था। इसके बावजूद बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के लोगों को नियमित, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पेयजल नहीं मिल पा रहा है।

मांग पत्र में मोटर, फुटबॉल्व और अन्य उपकरणों के बार-बार खराब होने तथा फिल्टर पंप हाउस के संप की क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण और उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।

पंप हाउस की तकनीकी खामियों की जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने बागबेड़ा एवं नए फिल्टर पंप हाउस की तकनीकी व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही एलम एवं ब्लीचिंग केमिकल की उपलब्धता और उपयोग, योजना के संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था की भी जांच की मांग की गई।

मांग पत्र में योजना से जुड़ी संभावित तकनीकी खामियों या अनियमितताओं की जांच कर दोषी पदाधिकारी अथवा संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी शामिल है।

पानी की टंकी और जल गुणवत्ता की जांच की मांग

बागबेड़ा पंप हाउस की जर्जर पानी टंकी की तत्काल तकनीकी जांच और मरम्मत कराने की मांग की गई। इसके अलावा संप एवं पानी की टंकी की नियमित सफाई, पर्याप्त संख्या में ऑपरेटर की नियुक्ति तथा नल से मिलने वाले पानी की अधिकृत प्रयोगशाला से गुणवत्ता जांच कराने की मांग रखी गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा बाधित होने से बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है। इसलिए तत्काल राहत के साथ-साथ ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिससे भविष्य में बार-बार जलापूर्ति बाधित न हो।

प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा 10 सूत्री मांग पत्र

प्रतिनिधिमंडल में पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, झरना मिश्रा, वार्ड सदस्य उमेश पांडे, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि कुमार विशाल, समाजसेवी अजय सिंह बब्बु, बागबेड़ा मंडल कांग्रेस अध्यक्ष राजनारायण यादव, जिला कांग्रेस सचिव संजय झा, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि श्रवण मिश्रा एवं समाजसेवी नकुल उपाध्याय शामिल रहे।

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