जमशेदपुर।
सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों के ठहराव को अचानक बंद किए जाने के विरोध में संयुक्त ग्राम समन्वय समिति का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया से मिला। समिति ने स्टेशन पर पूर्व की तरह सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव पुनः बहाल करने की मांग करते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समिति के मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने किया।
राम सिंह मुंडा ने कहा कि जिस सालगाझुड़ी स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी 2024 को किया था, उसे अब बंद करने की “साजिश” की जा रही है, जो ग्रामीणों और यात्रियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि स्टेशन खुलने से हजारों दिहाड़ी मजदूर, सब्जी विक्रेता, पत्ता-दतुवन बेचने वाले और गरीब तबके के यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं, लेकिन अब ठहराव बंद होने से इन सभी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम को सौंपे ज्ञापन में निम्न मांगें प्रमुख रूप से शामिल कीं:
सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन पर पूर्व की भांति सभी लोकल ट्रेनों का नियमित ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
स्टेशन के पास बन रहे अंडरब्रिज का कार्य शीघ्र पूरा कर आम जनता के लिए खोला जाए।
यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग काउंटर तुरंत चालू किया जाए।
प्लेटफॉर्म निर्माण को तेजी से पूरा किया जाए।
यात्रियों के लिए संसाधनयुक्त विश्राम शेड बनाया जाए।
सालगाझुड़ी से गोविंदपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंच पथ का निर्माण कराया जाए।
भारी आबादी वाले बारीगोड़ा रेलवे फाटक के पास जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए।
डीआरएम का जवाब संतोषजनक नहीं – समिति
डीआरएम तरुण हुरिया बाहर आकर स्वयं प्रतिनिधिमंडल से मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि “सुरक्षा कारणों से लोकल ट्रेनों का ठहराव अस्थायी रूप से रोका गया है, सुरक्षा मानक पूरे होते ही ठहराव फिर शुरू किया जाएगा।”
हालांकि, समिति ने उनकी प्रतिक्रिया को संतोषजनक नहीं बताया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि डीआरएम कार्यालय प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित स्टेशन की उपेक्षा कर रहा है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे सड़क से संसद तक आंदोलन करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग
प्रतिनिधिमंडल में राम सिंह मुंडा, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, संरक्षक दुबराज नाग, पूर्व मुखिया प्रकाश सांडील, तुलसी महतो, सदस्य रुद्र मुंडा, अधिवक्ता कन्हैया पांडे, पी.के. करुआ, संजय सिंह, राम मुखी, गौतम सामंता, जुझार हो, नानिका हांसदा, सीकेपी समाजसेवी रामलाल मुंडा, विजय मेलगानडी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।