

JAMSHEDPUR।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संयुक्त ग्राम समन्वय समिति, जमशेदपुर के बैनर तले सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद किए जाने के विरोध में सोमवार को शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष, समाजसेवी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस धरना में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर लोकल ट्रेनों का ठहराव पुनः शुरू नहीं किया गया तो कोलकाता स्थित जीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
धरना के बाद स्टेशन मास्टर सालगाझुड़ी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन पर पूर्व की भांति सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने, निर्माणाधीन अंडर ब्रिज को शीघ्र पूरा कर आम जनता के लिए खोलने, टिकट बुकिंग काउंटर शुरू करने, प्लेटफॉर्म निर्माण, यात्रियों के लिए विश्राम शेड, सालगाझुड़ी से गोविंदपुर स्टेशन तक पहुंच पथ निर्माण और बारीगोरा रेलवे फाटक के पास ओवर ब्रिज निर्माण शामिल हैं।

तीन लाख आबादी के लिए जीवनरेखा है स्टेशन
वक्ताओं ने बताया कि 26 फरवरी 2024 को सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन हुआ था, जिसके बाद इसका महत्व और बढ़ गया। इस क्षेत्र में लगभग तीन लाख की आबादी निवास करती है। हजारों दिहाड़ी मजदूर, सब्जी विक्रेता, पत्ता-दतुवन बेचने वाले और आम यात्री प्रतिदिन इस स्टेशन पर निर्भर रहते हैं। बावजूद इसके अक्टूबर 2025 से डाउन और अप लाइन की सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नेताओं ने किया आंदोलन तेज करने का ऐलान
धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने कहा कि यदि रेल प्रशासन ने निर्णय नहीं बदला तो आंदोलन को कोलकाता से दिल्ली तक ले जाया जाएगा। भाजपा नेता रमेश हांसदा ने इसे गरीब विरोधी फैसला बताया। सीपीआई नेता अनुज ठाकुर, झामुमो नेता दुबराज नाग, कांग्रेस नेता रामाकांत करूआ सहित अन्य वक्ताओं ने रेल प्रशासन के फैसले को जनविरोधी करार दिया। समिति के मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो रेल रोको कार्यक्रम भी किया जाएगा।
आंदोलन में भारी जनसमर्थन
धरना प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, आजसू, भाजपा, झामुमो, कांग्रेस और अन्य संगठनों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पी.के. करूआ एवं बबलू करूआ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन तुलसी महतो ने दिया।



